Wednesday, September 02, 2020


 देसी कुत्ता, देसी खिलौने, देसी बत्तख, देसी मोर

देसी दल्ले, देसी भंड़वे, देसी गदहे, देसी चोर

देसी लबरा, देसी थेंथर, देसी झुट्ठा, देसी डाकू

देसी दंगाई हत्यारा, देसी फेंकू, देसी हांकू

देसी कोठा और पतुरिया, देसी सब साजिन्दे हैं

घर-बाहर के सेठों के सब वफ़ादार कारिन्दे हैं

ग्लोबल-ग्लोबल जपता था पर अब लोकल पर वोकल है

इस जोकर का भेजा भइया सचमुच बिल्कुल खोखल है

फटने पर मल्हार गाता है सिलने पर जय- जयवंती

खूसट बुड्ढा छैल-छबीला बन करता हीरोपंती

रूई भरकर बनता है छप्पन इंची सीने वाला

नहीं चलेगा और बहुत दिन इसका सब गड़बड़झाला

सड़कों पर यह गैंग रगेदा और पछीटा जायेगा

शहर-शहर में इनको रस्सा बांध घसीटा जायेगा

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