एक कवि की संलग्नता सम्पूर्ण होती है और कवि एक व्यक्ति के रूप में किसी राजनीतिक दल का सदस्य भी हो सकता है ( यह ज़रूरी नहीं कि वह सदस्य हो ही ), पर कवि के रूप में वह निश्चय ही 'राजनीतिक' कविताएँ लिखने के लिए बाध्य नहीं है I वह 'राजनीतिक' कविताएँ लिख सकता है, उसे लिखना भी चाहिए यदि उसकी अन्तःप्रेरणा उससे यह काम करवाती है I पर सामाजिक प्रतिबद्धता कभी भी संकीर्ण अर्थों में घटित नहीं होती I ... कला केवल धारणाओं से नहीं रची जाती I हालाँकि ऐसे उदाहरण हैं जहाँ धारणाएँ किसी के जीवन का केन्द्रीय हिस्सा बन गयी हों और फिर वहाँ से वे कला की दुनिया में आयी हों !
-- इयुजेनियो मोंताले
चर्चित इतालवी कवि और गद्यकार
(12 अक्टूबर 1896 - 12 सितम्बर 1981)

No comments:
Post a Comment