एक कम्युनिस्ट को हठधर्मी नहीं होना चाहिए, और न ही उसे दूसरों पर रोब जमाने की कोशिश करनी चाहिए, उसे ऐसा हरगिज नहीं समझना चाहिए कि वह खुद तो हर चीज़ का माहिर है और दूसरों को कतई कुछ भी नहीं आता; उसे अपने आपको अपने छोटे से कमरे की चारदीवारी के अन्दर बंद नहीं कर लेना चाहिए, या अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनाने तथा शेखी बघारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, और न ही दूसरों पर सवारी गाँठने की कोशिश करनी चाहिए।
(21 नवम्बर 1941)
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अहंकार से बचो I जो कोई किसी नेतृत्वकारी पद पर काम करता है उसके लिए यह एक उसूली मामला है, एकता बनाए रखने की यह एक महत्वपूर्ण शर्त भी है I उन लोगों को भी, जिन्होंने कोई गंभीर ग़लती नहीं की और अपने काम में बहुत भारी कामयाबियाँ हासिल की हैं, अहंकार नहीं करना चाहिए I पार्टी नेताओं का जन्मदिन मनाना वर्जित है I सादा जीवन बिताने और कठोर संघर्ष करने की अपनी कार्यशैली पर क़ायम रहना चाहिए तथा चापलूसी और अतिरंजित तारीफ़ बंद कर देनी चाहिए I
(पार्टी कमेटियों के काम करने के तरीके)
(13 मार्च 1949)
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"हर आदमी एक न एक दिन ज़रूर मरता है, लेकिन हर आदमी की मौत की अहमियत अलग-अलग होती है I चीन के प्राचीन लेखक समा छ्येन ने कहा है, "मौत का सामना सब लोगों को समान रूप से करना पड़ता है, परन्तु कुछ लोगों की मौत की अहमियत थाई पर्वत से भी ज्यादा भारी होती है और कुछ लोगों की पंख से भी ज्यादा हलकी I" जनता के लिए प्राण निछावर करना थाई पर्वत से भी ज्यादा भारी अहमियत रखता है ..."
--- माओ त्से-तुंग

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