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Thursday, November 01, 2018
नमक और सोना
नमक और सोना
कवि
सत्ता का नमक खाता है
और जब उसका
हक़ अदा करता है
तो उसे सोना मिलता है I
फिर कवि
सुकूनतलब माहौल में
आराम से कई उत्कृष्ट
कलात्मक कविताएँ लिखता है
और बताता है कि
ये कविताएँ
जनता के पक्ष में हैं !
(28अक्टूबर,2018)
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