मेरी कविता 'सफल लोग' का नेपाली भाषा में अनुवाद किया है कामरेड मुक्ति पथिक ने।
सुविधा के लिए नीचे मूल कविता भी दे दी है।
सफल मानिस
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उनीहरूलाई भनिएको थियो-
यो संसारमा
चाहे जसरी नै किन नहोस
सफल हुनुमा नै
जीवनको सार्थकता छ ।
उनीहरूसँग
शिखरसम्म पुग्ने
नक्सा थिए,
हाइड्रोजन ग्याँसका बेलुन
र प्यारासुटहरू थिए
अनि हृदयमा थिए-
दुर्दान्त महत्वाकांक्षाहरू ।
तिनीहरूको पिठ्युँमा
सत्ताधारीहरूको धाप थियो भने
असफल मानिसहरूका पिठ्युँमा
तिनीहरूका जुत्ताको छाप थियो ।
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© Kavita krishnapallavi
अनु:मुक्ति पथिक
मूल कविता:
सफल लोग
उन्हें बताया गया था कि
इस दुनिया में
चाहे जैसे भी हो,
सफल होने में ही
जीवन की सार्थकता है I
उनके पास
शिखरों तक पहुँचने के
मानचित्र थे,
हाइड्रोजन गैस के गुब्बारे
और पैराशूट थे
और हृदय में
दुर्दांत महत्वाकांक्षाएँ I
उनके चूतड़ों पर
सत्ताधारियों के ठप्पे थे
और असफल लोगों की पीठों पर
उनके जूतों के निशान!
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