Thursday, September 17, 2020

कबीरदास संकट में !!!


 ख़ास ख़बर ! ख़ास ख़बर !! 

अभी-अभी यह ख़बर सत्ता के गलियारों से छनकर बाहर आयी है कि कबीरदास के ख़िलाफ़ केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से तथा लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दो 'कारण बताओ' नोटिस जारी हुए हैं ! 

दोनों नोटिस कबीरदास के एक ही पद को लेकर हैं ! लखनऊ से जारी नोटिस में कबीरदास से इस बात की सफाई माँगी गई है कि उन्होंने अपने एक पद की पहली पंक्ति के द्वारा उ.प्र. के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ की अवमानना की है, अतः उनके ख़िलाफ़ क्यों न उ.प्र. के मुख्यमंत्री की मानहानि करने, अराजकता फैलाने और राजद्रोह की धाराओं में मुक़दमा दर्ज किया जाए ! वह विवादास्पद पंक्ति है -- 'मन न रँगाए, रँगाए जोगी कपरा !'

राज्य के मुख्य अधिवक्ता का कहना है कि यह प्रथामदृष्टया योगी आदित्यनाथ के  अपमान का और जनता में उनके प्रति अविश्वास पैदा करके अराजकता फैलाने का मामला लगता है क्योंकि इसमें माननीय योगीजी को सीधे-सीधे ढोंगी कहा गया है ! मुख्यमंत्री कार्यालय से यह जानकारी मिली कि 'कारण बताओ नोटिस' की एक-एक प्रति कबीरचौरा, वाराणसी और मगहर के पते पर एक सप्ताह पहले ही भेज दी गयी थी ! अगर दस दिनों के भीतर कबीरदास का उत्तर नहीं मिल जाता तो उनके लिए 'लुकआउट नोटिस' भी जारी कर दी जायेगी और उन्हें ढूँढ़कर हिरासत में लेने के लिए नवगठित एस.एस.एफ. की एक-एक बटालियन वाराणसी और मगहर रवाना कर दी जायेंगी !

केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से जारी नोटिस में उसी पद की एक दूसरी पंक्ति के बारे में कबीरदास से स्पष्टीकरण माँगा गया है I वह पंक्ति है:"दढ़िया बढ़ाय जोगी बन गइलें बकरा I" नोटिस में कबीरदास से पूछा गया है कि क्यों न माना जाये कि यह पंक्ति लिखकर उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री की बढ़ती हुई दाढ़ी पर तंज किया है और बकरा कहकर उनकी मानहानि की है !

अब केंद्र और राज्य -- दोनों ही सरकारों को कबीरदास के जवाब की प्रतीक्षा है, लेकिन अभी तो उनका कुछ अता-पता ही नहीं है I देखिये क्या होता है !

(17sep.2020)

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