Wednesday, September 04, 2019

-- वाल्ट व्हिटमन


मैं नहीं, न ही कोई और, तय कर सकता है यह रास्ता तुम्हारे लिएI

तुम्हें खुद ही इसे तय करना होगाI

यह बहुत दूर नहीं हैI यह पहुँच के भीतर हैI

शायद तभी से तुम तय कर रहे हो ये दूरियाँ जब तुमने जन्म लिया था, पर पता नहीं था तुम्हेंI

शायद यह हर जगह है -- जल पर और थल परI

-- वाल्ट व्हिटमन

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ज़माने से तुम देखते रहे हो छोटे, ओछे सपने,

अब मैं धो दूँगा तुम्हारी आँखों पर चढ़ी गोंद की परत,

तुम्हें खुद को आदी बनाना ही होगा रोशनी की चकाचौंध का

और अपनी ज़िंदगी के हर लम्हे काI

-- वाल्ट व्हिटमन

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