Saturday, August 17, 2019


अपराधी जब न्याय की कुर्सी पर बैठते हैं

तो नागरिक का सामान्य जीवन जीना ही अपराध बन जाता है

और हर नागरिक को अभियुक्त बनकर कटघरे में खड़ा होना होता है I

लेकिन शुरुआत उनसे होती है जो अपराधी के न्याय की कुर्सी पर

बैठे होने पर ही सवाल उठाते हैं !

और चूँकि अभियुक्तों की संख्या बहुत अधिक होती है

इसलिए पूरे देश को ही जेलखाना बना दिया जाता है !

(12अगस्‍त, 2019)

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