Friday, August 16, 2019


यह फिलिस्तीन है, पर यह जो सबक दे रहा है वह दुनिया के उन सभी हुक्मरानों के लिए है जो सोचते हैं कि हथियारों और फौज़ी गाड़ियों और जेलों और गोलियों के खौफ़ से जनता भेड़ बन जाती है, और अपनी गुलामी को अपनी किस्मत मान लेती है !

दुनिया के सभी जालिम शासको, पूँजी के तमाम ताबेदारो ! अगर बच्चे मौत से डरना बंद कर दें, अगर निहत्थी औरतें और लाचार बूढ़े हथियारबंद फौजियों की आँखों में आँखें डालकर सीना तानकर उनके सामने खड़े हो जाएँ, अगर आँसू गैस के गोले और गोलियाँ बरसाते हथियारबंद दस्तों पर छोटे-छोटे बच्चे पत्थर बरसाने लगें; तो डरने की पारी तुम्हारी है I डरो कि तुम्हारी ताकतवर हुकूमत का मिट्टी में मिल जाना तय हो चुका है, तुम्हारी शिकस्त होनी ही है, और वह दिन बहुत दूर भी नहीं है ! डरो, मौत का काला साया तुम्हारे पीछे सरकता आ रहा हैI

तुम हर परिवार के पीछे सेना के तीन जवान खड़े कर दो, हजारों को मारकर लाशें ग़ायब कर दो, हज़ारों को जेलों में ठूँस दो, पर खौफ़ की परछाइयाँ तुम्हारा पीछा नहीं छोड़ेंगी ! जब लोग डरना बंद कर दें, तब डरने की बारी तुम्हारी होती है ! जब लोग तुम्हारी फ़ौजी परेडों, बख्तरबंद गाड़ियों और टैंकों को देखकर डरने की जगह नफ़रत से सड़क पर थूक दें तो डरने की बारी तुम्हारी होती है I मत भूलो इतिहास का यह सबक कि हथियारों का बड़ा से बड़ा जखीरा अवाम के गुस्से के समंदर में डूब जाता है ! मत भूलो कि हथियारों के बूते दुनिया में कहीं भी, कभी भी लोगों को हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सका है ! यह बात फिलिस्तीन पर ही नहीं, पूरी दुनिया पर लागू होती है, छत्तीसगढ़, नगालैंड, मणिपुर,मिजोरम, कश्मीर पर भी लागू होती है, यूँ कहें कि पूरे भारत पर भी लागू होती है !

(10अगस्‍त, 2019)

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