ये जो देवबंद, लखनऊ, हैदराबाद, बरेली वगैरा-वगैरा जगहों से किसिम-किसिम के जाहिल मुसंघी औरतों के ख़िलाफ़ या आधुनिक जीवन-शैली के ख़िलाफ़ किसिम-किसिम के मजाकिया फतवे जारी करते रहते हैं, इन्हें कोई पढ़ा-लिखा मुसलमान ही क्यों नहीं बताता कि ' जनाब आप जोकर से ज्यादा कुछ भी नहीं हैं ! आपकी बातों पर शायद ही कोई मुसलमान कान देता हो, और सच यह है कि उनपर अमल नामुमकिन है ! आप खुद भी इनपर अमल नहीं करते !' ये जाहिल कठमुल्ले अपने किस्म का धार्मिक फासीवाद तो हिन्दुस्तान में ला नहीं सकते, हाँ, हिन्दुत्ववादी फासिस्टों की भरपूर मदद ज़रूर करते हैं ! इन्हीं के कथनों के हवाले दे-देकर हिन्दुत्ववादी फासिस्ट सभी मुसलमानों को दकियानूस, कट्टर और हिन्दू-विरोधी साबित करते रहते हैं ! मुझे तो पूरा शक है कि इन मुसंघियों का नागपुर के संघी हेडक्वार्टर से सीधा कनेक्शन है !
(26दिसम्बर, 2018)

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