
ह्रदय यदि अभय हो और उसमें जीवन से अशेष प्यार भरा हो,
अगर न्याय और सौन्दर्य की उत्कट कामना हो,
अगर मनुष्यता के संकेतों, इशारों, आहटों और पदचिह्नों की पहचान हो,
अगर यथार्थ के निरीक्षण-परीक्षण के साथ सपनों और कल्पनाओं की दुनिया में आवाजाही करते रहने का हुनर हो,
अगर व्यावहारिकता के साथ थोड़ा पागलपन हो,
अगर आशा के विवेक के साथ निराशा में डूबने और उबरने की अन्तःप्रज्ञा हो,
तो, ... ... ... शानदार और जानदार कविताएँ लिखी जा सकती हैं !
अगर आपको लगता है कि कविताएँ आपकी आत्मा की तड़प हैं,
उसमें झपकती हुई रोशनी की कौंधें हैं,
तो आपको कविताएँ लिखनी चाहिए !
(13सितम्बर,2018)

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