Thursday, October 22, 2020



अंतर्दृष्टि-विहीन सक्रियता से अधिक भयंकर कुछ भी नहीं होता। -- गोयठे


वैज्ञानिक दृष्टि और सही कार्यदिशा-विहीन राजनीतिक सरगर्मियों से बुरा कुछ नहीं होता।

लोकरंजकतावादी नेतृत्व भेड़ों का झुंड हाँकने वाला अंधा गड़रिया होता है।

लोकरंजक, क़ौमवादी, भाषाई अस्मितावादी, नरोदवादी नारों से जनता को लुभाकर अगर आप मज़दूर क्रान्ति को आगे ले जाने की बात करते हैं तो आप उस नाविक के समान हैं जो पेंदे में छेद वाली बिना पाल की नाव, सड़ी हुई लकड़ी की पतवार और बिना सुई वाले कुतुबनुमा के सहारे लोगों को समन्दर पार कराने का भरोसा दिला रहा होता है!

(22 Oct 2020)

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