कुछ लोग अभी भी यह मानते हैं कि यह दुनिया चपटी है और कोलंबस तो गूगल मैप से कन्फ्यूज़ होकर अमेरिका जा पहुँचा था !
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ज़िंदगी के बारे में भी वे कुछ इसीतरह सोचते हैं !
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जब किसी संजीदा आदमी के सामने कोई ऐसा विचार आता है जिससे वह कत्तई सहमत नहीं होता तो उसकी प्रतिक्रिया प्रायः तीन रूपों में सामने आती है !
पहला, वह संजीदगी और गंभीरता से ऐसा विचार रखने वाले के साथ बहस करता है !
दूसरा, वह बहुत दिलचस्पी के साथ उस व्यक्ति के मुखारविन्द का यूँ अवलोकन करता है मानो वह मंगल ग्रह से आया प्राणी हो !
तीसरा, वह अपने चेहरे को उस आदमी के चेहरे के इतने करीब लाता है कि नाक नाक को लगभग छूने लगे और फिर उसकी आँखों में आँखें डालकर कहता है, "भाड़ में जाओ !"
अलग-अलग परिस्थितियों में ये तीनों ही प्रतिक्रियाएँ सही हुआ करती हैं !
(29दिसम्बर, 2018)

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