Tuesday, May 08, 2018



क्रांतिकारी इतिहास को, समाज की दूसरी शक्तियों के साथ -- सक्रिय और निष्‍क्रिय दोनों ही रूपों में, उग्र टकरावों की एक सतत् श्रृंखला से निर्मित अपनी खुद की स्पिरिट की सर्जना के रूप में देखते हैं, और वे निर्णायक टकराव के लिए अधिकतम अनुकूल स्थितियाँ तैयार करते हैं।




मैं असम्‍पृक्‍त व्‍यक्ति से घृणा करता हूँ। मेरा विश्‍वास है कि ज़ि‍न्‍दा होने का मतलब होता है पक्ष चुनना। जो वास्‍तव में ज़ि‍न्‍दा हैं वे एक नागरिक और एक पक्षधर व्‍यक्ति होने से बच नहीं सकते। असम्‍पृक्‍तता और उदासीनता जीवन नहीं है, बल्कि परजीविता और मनोविकृति है।

--अन्‍तोनियो ग्राम्‍शी



--अन्‍तोनियो ग्राम्‍शी


No comments:

Post a Comment