Saturday, February 03, 2018

बड़े कवि




हमारे समय के बड़े कवियों ने
श्रम से साधा है
कला को कविता में,
अलौकिक रहस्यमय आभा दी है उसे,
अद्भुत हुनरमंदी से
तराशा है उसे
जनता के दुखों को
कलात्मक-चमकदार बनाते हुए
भाषा से जादू रच डाला है
इसतरह कि सत्ताधारियों को भी
कविताएं पसंद आने लगी हैं।

बहुत कुछ किया और पाया है
हमारे समय के बड़े कवियों ने,
बस खो दिया है
अपना ईमान।

-- कविता कृष्‍णपल्‍लवी

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