Monday, October 27, 2014

झाड़ू पुराण



झाड़ू से बुहारी नहीं जा सकती हैं लाशें।
झाड़ू दामन पर लगे
खून के धब्‍बों को साफ नहीं कर सकता।
झाड़ू जली हुई वीरान बस्तियों को
आबाद नहीं कर सकता।
झाड़ू खण्‍डहरों को रौशन नहीं कर पाता।
और हाँ, झाड़ू स्‍मृतियों को
बुहार नहीं सकता,
न ही इतिहास को
कूड़ेदान के हवाले कर सकता है।
झाड़ू बदलाव के जज्‍़बे को
ठिकाने नहीं लगा पाता।
झाड़ू पर सवार जादूगरनी
हमेशा ही एक बच्‍चे के हाथों
मात खाती रही है।

-- कविता कृष्‍णपल्‍लवी


1 comment:

  1. झाड़ू बदलाव के जज्‍़बे को
    ठिकाने नहीं लगा पाता।..
    बहुत सही ....

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