Friday, November 09, 2012

कला समाज के सामने टँगा आईना नहीं होती - बेर्टोल्‍ट ब्रेष्‍ट



कला समाज के सामने टँगा आईना नहीं होती, बल्कि इसे सुनिश्‍चित शक्‍़ल में ढालने वाला हथौड़ा होती है।
  -बेर्टोल्‍ट ब्रेष्‍ट
  

सबसे बुरा अशिक्षित व्‍यक्ति वह होता है जो राजनीतिक अशिक्षित होता है, वह सुनता नहीं है, बोलता नहीं  है, राजनीतिक सरगर्मियों में भाग नहीं लेता। वह नहीं जानता कि जीवन का मूल्‍य, सेम की, मछली की, आटे की, जूते की, और दवाओं की कीमत और मकान का किराया, यह सबकुछ राजनीतिक फैसलों पर निर्भर होता है। राजनीतिक अशिक्षित व्‍यक्ति इतना घामड़ होता है कि वह इस बात पर घमण्‍ड करता है और छाती फुलाकर रहता है कि वह राजनीति से घृणा करता है। वह मूढ़मति नहीं जानता कि उसकी राजनीतिक अज्ञानता एक वेश्‍या, एक परित्‍यक्‍त बच्‍चे और चोरों में सबसे बुरे चोर -- एक बुरे राजनीतिज्ञ को जन्‍म देती है जो भ्रष्‍ट तथा राष्‍ट्रीय और बहुराष्‍ट्रीय कम्‍पनियों का टुकड़खोर मुदर्रिस होता है।
                                                                                      -बेर्टोल्‍ट ब्रेष्‍ट

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