Monday, January 10, 2011

मेरी प्रिय कविताएं:क्षितिज पर जलती मशालें दण्‍डद्वीप से दिखती हुई

एक दमकता इस्‍पात जैसा ढला गीत
विचार से समृद्ध
पछतावे और पीड़ा से अम्‍लान
उड़ान भरे सपनों से बेदाग।
एक गीत जो चीजों की आत्‍मा तक
पहुंचता हो, हवाओं की आत्‍मा तक
एक गीत जो अंत में अनंत हृदय के
आनंद में विश्राम करता हो।
                                       -लोर्का
                                     (स्‍पेन का क्रांतिकारी लोक कवि जिसकी फासिस्‍टों ने हत्‍या कर दी)

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