Friday, January 07, 2011

मेरे प्रिय उद्धरण और कृति-अंश: कुतुबनुमा से दिशा दिखाते, राह बताते शब्‍द

आदमी का हृदय जब वीर कृत्‍यों के लिए छटपटाता हो, तो इसके लिए वह सदा अवसर भी ढूंढ लेता है। जीवन में ऐसे अवसरों की कुछ कमी नहीं है और अगर किसी को ऐसे अवसर नहीं मिलते, तो समझ लो कि वह काहिल है या फिर कायर या यह कि वह जीवन को नहीं समझता।
(मक्सिम गोर्की 'बुढ़‍िया इजरगिल' की एक पात्र)

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