Thursday, January 06, 2011

मेरे प्रिय उद्धरण और कृति-अंश: कुतुबनुमा से दिशा दिखाते, राह बताते शब्‍द

मानव केवल चिन्‍तनशील ही नहीं, क्रियाशील प्राणी भी है। कला वस्‍तुओं का चित्रण करती है, विज्ञान उनका ज्ञान प्रदान करता है। आज के युग की मांग है कि जो ज्ञान प्राप्‍त किया है, उसे वास्‍तविक जीवन में मूर्त किया जाये।

- हर्ज़न (19वीं सदी के प्रसिद्ध रूसी लेखक)

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