Friday, December 03, 2010

सपनों का जीवन

बहुत छोटा होता है सपनों का जीवन।
संदेह पैदा करता है अपने होने पर ही।
पर जीवन नहीं होता कोई 
सपनों बिना।
जहाँ सपने हैं 
वहीं है जीवन
  •        कविता कृष्‍णपल्‍लवी

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